UP Board and NCERT Solution of Class 9 Science [विज्ञान] ईकाई 1 द्रव्य- प्रकृति एवं व्यवहार – Chapter-4 Structure Of The Atom (परमाणु की संरचना ) अतिलघु उत्तरीय प्रश्न Atilaghu Uttareey Prashn
प्रिय पाठक! इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको कक्षा 9वीं विज्ञान ईकाई 1 द्रव्य- प्रकृति एवं व्यवहार के अंतर्गत चैप्टर4 (परमाणु की संरचना) पाठ के अतिलघु उत्तरीय प्रश्न प्रदान कर रहे हैं। UP Board आधारित प्रश्न हैं। आशा करते हैं कि पोस्ट आपको पसंद आयेगी अगर पोस्ट आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ में जरुर शेयर करें
![]()
| Class | 9th | Subject | Science (Vigyan) |
| Pattern | NCERT | Chapter- | Structure Of The Atom |
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न / Atilaghu Uttareey Prashn
प्रश्न 1. कैथोड किरणों से उत्पन्न होने वाली दूसरी किरण का नाम बताइये जिसका उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में किया जाता है।
उत्तर– कैथोड किरणों से उत्पन्न होने वाली दूसरी किरण का नाम एक्स-किरणें (X-rays) है जिसका उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में किया जाता है।
प्रश्न 2. X-किरणें किन्हें कहते हैं?
उत्तर– जब कैथोड किरणें उच्च गलनांक की किसी धातु जैसे टंगस्टन (W) के लक्ष्य से टकराती हैं तो अत्यधिक ऊर्जा वाली आवेशरहित किरणें प्राप्त होती हैं, जिन्हें X-किरणें कहते हैं।
प्रश्न 3. कैथोड किरणों के दो गुण लिखिए।
उत्तर– (1) ये किरणें ऋणावेशित होती हैं। (2) इनमें गतिज ऊर्जा होती है।
प्रश्न 4. X-किरणों की खोज किसने की थी ?
उत्तर– X-किरणों की खोज डब्ल्यू. के. रान्टजन (W. K. Rontgen) ने की थी।
प्रश्न 5. X-किरणें किस प्रकार उत्पन्न होती हैं ?
उत्तर– कैथोड किरणों के उच्च गलनांक की भारी धातु से टकराने से X-किरणें उत्पन्न होती हैं।
प्रश्न 6. रान्टजन किरणें किन्हें कहते हैं और क्यों ?
उत्तर– X-किरणों को उसके खोजकर्ता के नाम पर रान्टजन किरणें भी कहते हैं।
प्रश्न 7. ‘धन किरणें‘ किन्हें कहते हैं ?
उत्तर– जब विसर्जन नलिका प्रयोग को छिद्रयुक्त कैथोड से दुहराते हैं तो छिद्रयुक्त कैथोड के पीछे परदे पर एक मन्द दीप्ति दिखाई देती है। यह दीप्ति किन्हीं धनावेशित कणों से बनी किरणों की उपस्थिति के कारण होती है। इन किरणों को धन किरणें या ऐनोड किरणें कहते हैं।
प्रश्न 8. धन किरणों या ऐनोड किरणों की खोज किसने की थी ?
उत्तर–धन किरणों या ऐनोड किरणों की खोज ई. गोल्डस्टीन (E. Goldstein) ने की थी।
प्रश्न 9. ऐनोड किरणों को केनाल किरणें क्यों कहा जाता है ?
उत्तर– ऐनोड किरणों को केनाल किरणें (Canal Rays) भी कहा जाता है, क्योंकि ये कैथोड के छिद्रों या केनाल में से होकर निकलती हैं।
प्रश्न 10. धन किरणों को ऐनोड किरणें क्यों कहते हैं ?
उत्तर– धन किरणें ऐनोड से कैथोड की ओर चलती हैं, इसलिए इन्हें ऐनोड किरणें कहते हैं।
प्रश्न 11. कैथोड एवं ऐनोड किरणों का कोई एक गुण लिखिए जिसमें दोनों समानता दर्शाते हैं।
उत्तर– दोनों में गतिज ऊर्जा होती है जिससे दोनों ही अपने मार्ग में रखे हल्के पहिये को घुमा देती हैं।
प्रश्न 12. कैथोड किरणों का अध्ययन किसने किया ?
उत्तर– कैथोड किरणों का अध्ययन सर जे.जे. टॉमसन ने 1897 में किया था।
प्रश्न 13. कैथोड किरणें कैसे प्राप्त करते हैं ?
उत्तर– विसर्जन नलिका में निम्न दाब (लगभग 0.001 mm पारे के तल) पर उच्च विभव पर विद्युत प्रवाहित करके कैथोड किरणें प्राप्त करते हैं।
प्रश्न 14. कैसे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें सीधी रेखा में चलती हैं ?
उत्तर – यदि कैथोड किरणों के मार्ग में कोई ठोस वस्तु रख दी जाये तो उसकी छाया दिखाई देती है। इससे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें सीधी रेखा में चलती हैं।
प्रश्न 15. कैसे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें गतिज ऊर्जा युक्त कणों से बनी हैं ?
उत्तर– यदि कैथोड किरणों के मार्ग में किसी धातु की हल्की चकरी रख दी जाये तो चकरी घूमने लगती है इससे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें ऐसे कणों से बनी हैं जिनमें गतिज ऊर्जा होती है।
प्रश्न 16. कैसे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें ऋणावेशित कण हैं?
उत्तर– कैथोड किरणें जब विद्युत क्षेत्र से होकर गुजरती हैं तो धन प्लेट की ओर आकर्षित होती हैं। इससे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें ऋणावेशित कणों से बनी होती हैं।
प्रश्न 17. प्रोटॉन के आवेश तथा द्रव्यमान का अनुपात (e/m) कितना होता है ?
उत्तर– प्रोटॉन के आवेश तथा द्रव्यमान का अनुपात (e/m) का मान 9.58 × 104 C/g होता है।
प्रश्न 18. परमाणु का पहला मॉडल किस वैज्ञानिक ने दिया ?
उत्तर– परमाणु का पहला मॉडल जे. जे. टॉमसन (J. J. Thomson) ने दिया।
प्रश्न 19. रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के दो दोष कौन–कौन से थे ?
उत्तर– रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के दो दोष निम्नलिखित हैं-
(1) परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या न कर पाना।
(2) परमाणु के विभिन्न स्पेक्ट्रम की व्याख्या न कर पाना।
प्रश्न 20. नील बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार जब इलेक्ट्रॉन एक ही ऊर्जा स्तर में घूमता है तब वह ऊर्जा का उत्सर्जन करता है या अवशोषण या इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता, उत्तर दीजिए।
उत्तर– इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता।
प्रश्न 21. कक्षा या ऊर्जा स्तर किसे कहते हैं ?
उत्तर– नाभिक के चारों ओर निश्चित ऊर्जा वाले वे पथ जिनमें इलेक्ट्रॉन घूमते रहते हैं; कक्षा, कोश या ऊर्जा स्तर कहलाते हैं।
प्रश्न 22. बोर के परमाणु मॉडल में (K, L, M, N) कक्षाओं में से नाभिक की निकटतम कक्षा कौन–सी है ?
उत्तर– बोर के परमाणु मॉडल में K कक्षा नाभिक की निकटतम कक्षा है।
प्रश्न 23. किसी कक्षा में इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है ?
उत्तर– किसी कक्षा में इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या 2n2 हो सकती है जहाँ n कक्षा का क्रमांक है।
प्रश्न 24. सबसे बाहरी कक्षा (कोश) में और उसके अन्दर वाली कक्षा में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं ?
उत्तर– सबसे बाहरी कक्षा (कोश) में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन तथा उसके अन्दर वाली कक्षा (कोश) में अधिकतम 18 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।
प्रश्न 25. संयोजी कोश को परिभाषित कीजिए।
उत्तर– किसी परमाणु के बाह्यतम कोश को संयोजी कोश कहते हैं।
प्रश्न 26. इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन के आवेश ‘कूलॉम‘ में लिखिए।
उत्तर– इलेक्ट्रॉन का आवेश : – 1.6 × 10-19 C प्रोटॉन का आवेश : + 1.6 × 10-19 C
प्रश्न 27. न्यूट्रॉन का आवेश कितना होता है?
उत्तर– शून्य।
प्रश्न 28. परमाणु के नाभिक से क्या तात्पर्य है?
उत्तर– परमाणु के केन्द्र में स्थित लगभग 10-15 m व्यास के सूक्ष्म भाग को जिसमें परमाणु का लगभग समस्त द्रव्यमान तथा धनावेश केन्द्रित होता है, नाभिक कहते हैं।
प्रश्न 29. बोर मॉडल के अनुसार परमाणु से ऊर्जा का उत्सर्जन कब होता है?
उत्तर– सामान्य परमाणु को ऊर्जा देने से न्यूनतम ऊर्जा स्तर के इलेक्ट्रॉन, ऊर्जा अवशोषित करके उच्चतर ऊर्जा-स्तरों की कक्षाओं में चले जाते हैं। तत्पश्चात् जब ये अर्जित इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्तरों से निम्नतम ऊर्जा-स्तरों में वापस लौटते हैं तो परमाणु से ऊर्जा का उत्सर्जन होता है।
प्रश्न 30. क्लोरीन (CI) के नाभिक में 17 प्रोटॉन तथा 18 न्यूट्रॉन होते हैं। इसका प्रतीक परमाणु क्रमांक तथा द्रव्यमान संख्या के साथ लिखिए।
उत्तर– C1 के लिए परमाणु-क्रमांक (Z) = प्रोटॉनों की संख्या = 17
द्रव्यमान-संख्या (A) = (प्रोटॉनों + न्यूट्रॉनों) की संख्या = 17+18= 35
अतः प्रतीक होगा 17C135