UP Board Solution of Class 9 Hindi Chapter 7 Krishngopal Nandan (Anivarya Sanskrit Khand) – हिंदी कक्षा 9 पाठ -7 कृष्णः गोपालनन्दनः(अनिवार्य संस्कृत-खण्ड)

UP Board Solution of Class 9 Hindi Chapter 7 Krishngopal Nandan (Anivarya Sanskrit Khand) – हिंदी कक्षा 9 पाठ -7 कृष्णः गोपालनन्दनः(अनिवार्य संस्कृत-खण्ड)

Dear Students! यहाँ पर हम आपको कक्षा 9 हिंदी संस्कृत-खण्ड के पाठ 7 कृष्णः गोपालनन्दनः का सम्पूर्ण हल प्रदान कर रहे हैं। यहाँ पर कृष्णः गोपालनन्दनः सम्पूर्ण पाठ के साथ गद्यांश आधारित प्रश्नोत्तर अर्थात गद्यांशो का हल, अभ्यास प्रश्न का हल दिया जा रहा है। 

UP Board Solution of Class 9 Hindi Chapter 7 Krishngopal Nandan (Anivarya Sanskrit Khand) – हिंदी कक्षा 9 पाठ-7  कृष्णः गोपालनन्दनः (अनिवार्य संस्कृत-खण्ड) – up board class 9th anivary sanskrit lesson 7  Krishngopal Nandan based on new syllabus of uttar pradesh madhymik shiksha parishad prayagraj.

UP Board Solution of Class 9 Hindi Gadya Chapter 1 - Baat - बात (प्रतापनारायण मिश्र) Jivan Parichay, Gadyansh Adharit Prashn Uttar Summary

Chapter Name Krishngopal Nandan -कृष्णः गोपालनन्दनः
Class 9th 
Board Name UP Board (UPMSP)
Topic Name गद्यांश आधारित प्रश्नोत्तर,गद्यांशो का हल(Gadyansh Adharit Prashn Uttar Summary )

               UP Board Solution of Anivarya

             Sanskrati

सप्तमः पाठः               कृष्णः गोपालनन्दनः

(1) सुविदितमेव श्रीकृष्णः लोकोत्तरो महापुरुषः आसीत्। अयं महापुरुषः सहस्त्रेभ्यः वर्षेभ्यः प्राक् उत्पन्नः अद्यापि जनानां हृदयेषु विराजमानः अस्ति।

शब्दार्थ सुविदितमेव = भली-भाँति ज्ञात ही है। लोकोत्तर: = अलौकिक ।

सन्दर्भ प्रस्तुत अवतरण हमारी पाठ्य-पुस्तक के अन्तर्गत संस्कृत खण्ड के कृष्ण: गोपालनन्दन नामक पाठ से उद्धृत है।

हिन्दी अनुवाद(यह) भली-भाँति ज्ञात ही है कि श्रीकृष्ण अलौकिक महापुरुष थे। हजारों वर्ष पहले उत्पन्न हुए यह महापुरुष आज भी मनुष्यों के हृदय में विराजमान हैं।

 

(2) श्रीकृष्णस्य मातुलः कंसः अत्याचारी शासकः आसीत्। स पूर्व स्वभगिन्याः देवक्याः श्रीवसुदेवेन सह विवाहम् अकरोत्, पश्चाच्च आकाशवाण्या देवकीपुत्रेण स्वमृत्युसमाचारं विज्ञाय उभावपि कारागारे न्यक्षिपत्। तत्रैव कारागारे श्रीकृष्णः जातः।

शब्दार्थ मातुलः = मामा । उभावपि = दोनों को ही । न्यक्षिपत् = डाल दिया। स्वभगिन्याः = अपनी बहन का ।

हिन्दी अनुवाद श्रीकृष्ण का मामा कंस अत्याचारी शासक था। उसने पहले अपनी बहिन देवकी का विवाह वसुदेव के साथ किया। बाद में आकाशवाणी सुनकर दोनों को ही जेल में डाल दिया। वहीं जेल में श्रीकृष्ण उत्पन्न हुए।

 

(3) श्रीकृष्णस्य जन्म भाद्रपदमासस्य कृष्णपक्षस्य अष्टम्यां तिथौ मथुरायाम् अभवत्। मध्यरात्रे यदायं उत्पन्नः जातः तदा आकाशे घटाटोपाः मेघाः मुसलधाराः वर्षाः अकुर्वन्। तदा रात्रिः अन्धकारपूर्णा आसीत्, परं वसुदेवः पुत्रस्य रक्षार्थ सद्योजातं तम् आदाय उत्तालतरङ्गां यमुनाम् उत्तीर्य गोकुले नन्दगृहं प्रापयत्। तत्र बाल्यादेव श्रीकृष्णः जनानां हृदयवल्लभः अभवत्।

शब्दार्थ घटाटोपाः = घटाओं से घिरे। सद्योजातम् = तुरन्त (नवजात) पैदा हुए। आदाय = लेकर उत्तालतरङ्गाम् = ऊँची-ऊँची लहरोंवाली। उत्तीर्य = पार करके। हृदयवल्लभः = हृदय के प्रिय । =

हिन्दी अनुवाद श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को मथुरा में हुआ था । आधी रात में जब ये (श्रीकृष्ण) उत्पन्न हुए तब आकाश में घटाओं से घिरे मेघों ने मूसलधार वर्षा की। उस समय अन्धकारपूर्ण रात्रि थी, किन्तु वसुदेव ने उत्पन्न हुए पुत्र की रक्षा के लिए तुरन्त उसको लेकर ऊँची लहरोंवाली यमुना को पारकर गोकुल में नन्द के घर पहुँचाया। वहाँ बचपन से ही श्रीकृष्ण मनुष्यों के हृदय में प्रिय हो गये

 

(4) बाल्यकाले अयं स्वसौन्दर्येण बाललीलया च सर्वेषां जनानां मनांसि अहरत्। कापि गोपिका तम् अङ्के निधाय स्वगृहं नयति, अपरा तं दुग्धं पाययति, अन्या च तस्मै नवनीतं ददाति। श्रीकृष्णः प्रेम्णा दत्तं दुग्धं पिवति, नवनीतं च खादति, अवसरं प्राप्य स स्वमित्रैः गोपैः सह कस्मिश्चिद् गृहे प्रविश्य दधि खादति, मित्रेभ्यः ददाति, अवशिष्टं दधि भूमौ पातयति यदा कदा दधिभाण्डं च त्रोटयति। एतत् सर्वे कुर्वतोऽपि तस्य शीलेन सौन्दर्येण च प्रभावितः न कोऽपि तस्मै क्रुध्यति, परं सर्वे तस्मिन् स्निह्यन्ति।

शब्दार्थ नयति = ले जाती है। अपरा = दूसरी! निधाय =रखकर अर्थात् लेकर। पाययति = पिलाती। नवनीतम् = मक्खन । दधिभाण्डम् = दही का बर्तन। त्रोटयति = तोड़ देते थे। क्रुध्यति = क्रोध करता था। स्निह्यति = स्नेह करता था ।

हिन्दी अनुवाद बचपन में इन्होंने (श्रीकृष्ण ने अपने सौन्दर्य से और बाल-लीला से सभी मनुष्यों के मन को मोहित कर लिया। कोई गोपिका उन्हें गोदी में लेकर अपने घर ले जाती, दूसरी उन्हें दूध पिलाती और अन्य कोई उन्हें मक्खन देती। श्रीकृष्ण प्रेम से दिया गया दूध पीते और मक्खन खाते । अवसर पाकर वे अपने मित्र ग्वालों के साथ किसी घर में घुसकर दही खाते, मित्रोंको देते, शेष दही को जमीन पर गिरा देते और कभी-कभी दही के बर्तन को तोड़ देते। यह सब करते हुए भी उनके शील और सौन्दर्य से प्रभावित हुआ कोई भी उन पर क्रोध नहीं करता था, अपितु सब उनसे स्नेह करते थे

 

(5) अनन्तरं श्रीकृष्णः गोपालैः सह वनं गत्वा गाः चारयति, तत्र च वेणुं वादयति, अनेन सर्वाः गावः गोपालाश्च सर्वाणि कार्याणि विहाय तस्य वेणुवादनं शृण्वन्ति। महाकविः व्यासः संस्कृतभाषायां, भक्तकविः सूरदासः हिन्दी भाषायां तस्य बाललीलायाः अतिसुन्दरं वर्णनम् अकरोत्।

शब्दार्थअनन्तरम् = बाद में ! वेणुः = वंशी । वेणुम् = वंशी को (द्वितीया एकवचन का रूप ) । विहाय = छोड़कर । शृण्वन्ति = सुनते थे।

हिन्दी अनुवाद इसके पश्चात् श्रीकृष्ण ग्वालों के साथ वन जाकर गायों को चराते और वहाँ वंशी बजाते। इससे सभी गायें और ग्वाले समस्त कार्यों को छोड़कर उनका वंशी-वादन सुनते। महाकवि व्यास ने संस्कृत भाषा में (तथा) भक्तकवि सूरदास ने हिन्दी भाषा में उनकी बाललीला का अत्यन्त सुन्दर वर्णन किया है।

 

(6) यदा अयं बालः एव आसीत् तदा कंसः तं हन्तुं क्रमशः बहून् राक्षसान् प्रेषयत, परं श्रीकृष्णः स्वकौशलेन शौर्येण च तान् सर्वान् अहन्। स न केवलं राक्षसेभ्यः अपितु अन्याभ्यः विपद्भ्यः गोकुलवासिनो जनान् अरक्षत्। एकदा वर्षाकाले गोकुले यमुनायाः जलं वेगेन अवर्धत्, तदा श्रीकृष्णः स्वप्राणान् अविगणय्य सर्वान् गोकुलनिवासिनः अरक्षत्। एवं निरन्तरं गोकुलवासिनां जनानां कष्टानि निवारयन् तेषां हृदये पदमधारयत्। अतः श्रीकृष्णः बाल्यकालादेव स्वोत्तमैः गुणैः परोपकारभावनया च लोकप्रियः अभवत्।

शब्दार्थप्रैषयत् = भेजा। अविगणय्य = बिना गिने; बिना परवाह किये। सन्दीप्ते वह्नौ = आग लगने पर । अत्रायत = रक्षा की। पद्मधारयत् = स्थान बना लिया। हन्तुं = मारने के लिए।

हिन्दी अनुवादजब ये बालक ही थे तब कंस ने उन्हें मारने के लिए एक के बाद एक बहुत-से राक्षसों को भेजा, किन्तु श्रीकृष्ण ने अपने कौशल और पराक्रम से उन सबको मार दिया। उन्होंने न केवल राक्षसों से अपितु अन्य विपत्तियों से भी गोकुलवासियों की रक्षा की। एक बार वर्षा ऋतु में गोकुल में यमुना का जल तेजी से बढ़ने लगा, तब श्रीकृष्ण ने अपने प्राणों की चिन्ता न करके (बिना परवाह किये) सभी गोकुलवासियों की रक्षा की। इसी प्रकार आग लग जाने पर इन्होंने सब पशुओं और ग्वालों की उससे रक्षा की। इस प्रकार (उन्होंने) निरन्तर गोकुलवासियों के कष्टों का निवारण करते हुए उनके हृदय में स्थान बना लिया। अतः श्रीकृष्ण बचपन से ही अपने उत्तम गुणों और परोपकार की भावना के कारण लोकप्रिय हो गये!

पाठ पर आधारित प्रश्नोत्तर :-

प्रश्न 1. श्रीकृष्ण कः आसीत्?

उत्तर : श्रीकृष्णः लोकोत्तरोमहापुरुषः आसीत् ।

प्रश्न 2. कंसः कः आसीत्?

उत्तर : श्रीकृष्णस्य मातुलः कंसः अत्याचारी शासकः आसीत् ।

प्रश्न 3. श्रीकृष्णस्य जन्म कुत्र अभवत्?

उत्तर : श्रीकृष्णस्य जन्म मथुरायां कंसस्य कारागारे अभवत् ।

प्रश्न 4. श्रीकृष्णस्य जन्म कदा अभवत्?

उत्तर : श्रीकृष्णस्य जन्म भाद्रपदमासस्य कृष्णपक्षस्य अष्टम्यां तिथौ अभवत् ।

प्रश्न 5. किम् विज्ञाय कंसः देवकीवसुदेवौ कारागारे न्यक्षिपत् ?

उत्तर : आकाशवाण्या देवकीपुत्रेण स्वमृत्यु समाचारं विज्ञाय कंसा: देवकीवसुदेवौ कारागारे न्यक्षिपत् ।

प्रश्न 6. यदा श्रीकृष्णः उत्पन्नः जातः तदा वातावरणं की दृशम आसीत्?

उत्तर : यदा श्रीकृष्ण: उत्पन्नः जातः तदा आकाशे घटाटोपा: मेघाः मूसलधारा: वर्षा अकुर्वन् रात्रिः अन्धकारपूर्णा आसीत् ।

प्रश्न 7. श्रीकृष्णः कथं लोकप्रियः अभवत्?

उत्तर : श्रीकृष्णः स्वोत्तमैः गुणैः परोपकार भावनया च लोकप्रियः अभवत् ।

प्रश्न 8. वसुदेवेन सद्योजातः कृष्णः कथं रक्षितः ?

उत्तर : सद्योजातं कृष्णं गोकुले नन्दगृहम् नीत्वां वसुदेवेन तस्य रक्षितः ।

प्रश्न 9. आकाशवाणीम् श्रुत्वा कंसः किम् अकरोत् ?

उत्तर : आकाशवाणीम् श्रुत्वा कंसः वसुदेवं देवकीं च कारागारे न्यक्षिपत् ।

प्रश्न 10. श्रीकृष्ण: गोपैः सह कश्मिश्चिद् गृहे प्रविश्य किं करोति?

उत्तर : श्रीकृष्ण: गोपैः सह कस्मिश्चिद् गृहे प्रविश्य दधि खादति, मित्रेभ्यः ददाति अवशिष्टं दधि भूमौपातयति यदा-कदा दधि भाण्डं च त्रोटयति ।

प्रश्न 11. कः कविः संस्कृत भाषायां कृष्ण बाललीलायाः वर्णनम् अकरोत् ?

उत्तर : महाकवि व्यासः संस्कृत भाषायां कृष्णलीलायाः वर्णनम् अकरोत् ।

प्रश्न 12. कः कविः हिन्दी भाषायां कृष्ण बाललीलायाः वर्णनम् अकरोत् ?

उत्तर : महाकवि सूरदास: हिन्दी भाषायां कृष्ण बाललीलायाः वर्णनम् अकरोत् ।

प्रश्न 13. श्रीकृष्ण: गोकुलवासिनां किं कल्याणं अकरोत् ?

उत्तर : श्रीकृष्ण: गोकुलवासिनां कष्टानि निवारयन् तेषां कल्याणम् अकरोत् ।

प्रश्न 14. कंसः राक्षसान् किमर्थम् प्रेषयत् ?

उत्तर : कसं श्रीकृष्णं हन्तुं राक्षसान् प्रेषयत् ।

 

2.बहुविकल्पीय प्रश्न

  1. कंसः कः आसीत्?

(अ) श्री कृष्णस्य मातुलः

(ब) अत्याचारी शासकः

(स) देवकीभ्राता

(द) उक्त सभी

  1. श्रीकृष्णस्य पितुः किं नाम आसीत् ?

(अ) वसुदेवः              (ब) शुकदेवः

(स) राजदेवः              (द) एतेषु न कश्चिदामपि

  1. श्री कृष्णस्य मातुलः कंसः कीदृशः शासकः आसीत् ?

(अ) सदाचारी शासकः    (ब) अत्याचारी शासकः

(स) उदार शासकः         (द) लोकहितकारी शासकः

  1. कः कविः हिन्दी भाषायां कृष्ण बाललीलायाः अति सुन्दरं वर्णनं अकरोत् ?

(अ) महाकवि सूरदासः     (ब) महाकवि तुलसीदासः

(स) केशवदासः              (द) नरोत्तमदासः

  1. श्री कृष्णस्य जन्म कुत्र अभवत् ?

(अ) मथुरायां                (ब) प्रयागे

(स) गोकुल ग्रामे            (द) एतेषु न कश्चिदामपि

  1. जब श्री कृष्ण पैदा हुए तो उस समय का वातावरण कैसा था ?

(अ) आकाश बादलों से छाया हुआ था

(ब) मूसलाधार बारिस हो रही थी

(स) रात्रि अन्धकारपूर्ण थी

(द) उपर्युक्त में से सभी

  1. संस्कृत भाषा में श्री कृष्ण की बाल लीला का वर्णन किसने किया है ?

(अ) महाकवि व्यास        (ब) महाकवि वाल्मीकि

(स) महाकवि कालिदास   (द) महाकवि भारवि

  1. श्री कृष्ण का जन्म कब हुआ था ?

(अ) भादौं मास, कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि

(ब) आश्विन मास, कृष्ण पक्ष, अष्टमी तिथि

(स) पौष मास, शुक्ल पक्ष, अष्टमी तिथि

(द) फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष, अष्टमी तिथि

 

 

UP Board Solution of Class 9 Hindi Chapter 6 Paramhansa Ramkrishna (Anivarya Sanskrit Khand) – हिंदी कक्षा 9 पाठ -6 परमहंसः रामकृष्णः(अनिवार्य संस्कृत-खण्ड)

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